नित्थर (कुल्लू)। सरयोलसर झील की यात्रा से माता काली खैई दुर्गा गोथना अपने धाम पहुंच गई हैं। पलेही पंचायत के गोथना में माता काली खैई दुर्गा का मंदिर है। माता तांदी गांव से आकर इस गांव में विराजमान हुई हैं। इतिहास में पहली बार माता पवित्र स्थल सरयोलसर झील की यात्रा पर अपने भक्तों के साथ गई थी। यात्रा गोथना मंदिर से वाहनों के जरिये से जलोड़ी जोत तक हुई। इसके बाद सात किलोमीटर पैदल यात्रा की। मंदिर के कारदार बिन्नू चौहान, पुजारी बाला प्रसाद शर्मा और अमन शर्मा ने बताया कि इस यात्रा के दौरान माता ने अपने भक्तों को दर्शन दिए। हजारों लोगों ने माता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। माता का रथ नहीं है। इस यात्रा के दौरान माता बूढ़ी नागिन से भेंट की। इसके साथ इस यात्रा के दौरान माता ने कई शक्तियों को प्राप्त किया।