अध्यक्ष बोले, खाद्य सुरक्षा संबंधी जन जागरूकता अभियानों को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। खाद्य पदार्थों की तेज और प्रभावी परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल खाद्य परीक्षण वैन चलाई जाएगी। इससे विशेष रूप से मिठाई, दूध, दुग्ध उत्पाद एवं अन्य शीघ्र नष्ट होने वाले खाद्य पदार्थों का मौके पर ही परीक्षण किया जाएगा। यह बात राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल ने प्रेस को जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और एफएसएसएआई के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें उपभोक्ताओं और हितधारकों के बीच खाद्य सुरक्षा संबंधी जन जागरूकता अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए और खाद्य व्यवसाय संचालकों और सरकारी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाने का निर्णय लिया गया। स्रोत स्तर से ही खाद्य जांच को सुदृढ़ किया जाएगा। खाद्य नमूनों की परीक्षण रिपोर्टें सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो और जनता को सही जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य खाद्य आयोग और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और खाद्य मानकों के क्रियान्वयन को और सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग एवं एफएसएसएआई ने खाद्य आपूर्ति शृंखला के प्रत्येक चरण में नमूना-चनन की संख्या एवं आवृत्ति बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। अन्य राज्यों से प्रदेश में आने वाले खाद्य पदार्थों की कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर बल देते हुए दोनों संस्थाओं ने राज्य सरकार से विशेष रूप से दूध एवं दुग्ध उत्पादों पर कठोर नियामक नियंत्रण लागू करने का आग्रह किया है, क्योंकि इनमें मिलावट की शिकायतें अधिक पाई जाती हैं और ये उपभोग के लिए अनुपयुक्त सिद्ध होते हैं।