महंगाई के दौर में परेशानी झेल रहे दुग्ध उत्पादक
सरकार और मिल्कफेड की नाकामी पड़ रही भारी : चौहान
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। दुग्ध उत्पादकों को तीन महीने से दूध का भुगतान नहीं हो पाया है। इस कारण महंगाई के दौर में पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूध पालन से जुड़ा वर्ग अधिकतर गरीब और मध्यमवर्गीय किसान है। आजीविका का प्रमुख साधन इसी पर निर्भर है, लेकिन सरकार की ओर से तीन महीने से भुगतान न किए जाने के कारण दुग्ध उत्पादक परेशान हैं। भाजयुमो मंडल आनी के उपाध्यक्ष जीतू चौहान ने कहा कि चारे, दवाइयों और पशु देखभाल की बढ़ती लागत ने हालात और भी कठिन बना दिए हैं। कई पशुपालक तो मजबूरी में दूध सप्लाई बंद करने या अपने पशु बेचने तक की सोच रहे हैं। यह स्थिति न केवल किसानों के लिए, बल्कि पूरे दुग्ध उत्पादन तंत्र के लिए चिंताजनक है। सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द बकाया भुगतान सुनिश्चित करे ताकि गरीब दूध पालकों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री या मिल्कफेड के अध्यक्ष जवाब दें कि आखिर दूध पालकों के बकाया भुगतान में देरी क्यों हो रही है। क्या गरीब किसानों की मेहनत अब केवल राजनीति का विषय बनकर रह गई है। सरकार जब किसानों के नाम पर योजनाओं और सब्सिडी की घोषणाएं करती है, तो धरातल पर असर क्यों नहीं दिखता।