आनी में आयोजित बैठक में मौजूद सीटू कार्यकर्ता। स्रोत : सीटू
आनी में बैठक कर बनाई रणनीति, 22 जून को शिमला में करेंगे प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी(कुल्लू)।
आनी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर सीटू ने कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर हुआ। इसके बाद मिड-डे-मील वर्करों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में सीटू जिला सचिव एवं आनी संयोजक पदम प्रभाकर ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मिड-डे-मील वर्करों के प्रति सरकार का रवैया असंवेदनशील है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है और स्कीम वर्करों के बजट में लगातार कटौती की जा रही है। सरकार इस योजना को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वेदांता और नंद घर जैसी कंपनियों के माध्यम से केंद्रीय किचन सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे स्थानीय वर्करों के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। वर्करों को न तो छुट्टियां मिलती हैं और न ही मेडिकल लीव की सुविधा। हाईकोर्ट के 12 महीने के कार्यकाल संबंधी फैसले को भी हिमाचल प्रदेश सरकार लागू नहीं कर रही। दिवाली और दशहरे जैसे त्योहारों पर भी उनका मानदेय काट लिया जाता है, जोकि अन्यायपूर्ण है। इसके अलावा 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू न करने और समय पर मानदेय न मिलने पर भी रोष व्यक्त किया गया। वर्करों को अलग-अलग किस्तों में भुगतान किया जाना, उनके साथ अन्यायपूर्ण है। सचिव बीर सिंह ने कहा कि मिड-डे-मील वर्करों की मांगों को लेकर 22 जून को सैकड़ों वर्कर शिमला में प्रदर्शन करेंगे।