नोग वैली की सड़कों और बस सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते जन अधिक
मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, सड़क सुरक्षा और परिवहन निगम की बसों में सुधार की उठाई मांग
.रायशरण बस हादसे के बाद मुखर हुआ जन अधिकार मंच
कहा-क्षेत्र की अधिकतर सड़कें, सुधार तो रामपुर में दिखेगा आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की नोगवैली के रायशरण में हुए बस हादसे के बाद जन अधिकार मंच ने सरकार से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत करवाने और रामपुर डिपो में बसों की कमी दूर करने की मांग उठाई है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और चक्का जाम करेंगे। नोगवैली की सड़कों में सुधार की मांग को लेकर जन अधिकार मंच के पदाधिकारियों ने वीरवार को तहसीलदार रामपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से मंच ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में उचित कार्रवाई नहीं होने पर क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद डंसा के पूर्व पंचायत प्रधान देशराज हुडन ने कहा कि बीते 9 अक्तूबर को रायशरण संपर्क मार्ग पर हुए बस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की खराब सड़कें हादसों की प्रमुख वजह बन रही हैं। सड़कों की मरम्मत के लिए कई बार ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़कों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि वैली की सुंडा-सनेई, डंसा-लालसा, डंसा-पनोली, ओडा-सुंडा और बेसड़ी-उरू-उमरी सड़कें खस्ताहाल हैं। इन मार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चिंता जताई कि बीते दिनों सरकार के कई मंत्री और लोक निर्माण मंत्री रामपुर आए थे, लेकिन किसी ने भी इस हादसे पर एक शब्द तक नहीं कहा। जन अधिकार मंच ने दुर्घटना के लिए परिवहन व्यवस्था में कथित लापरवाही, पुरानी और तकनीकी रूप से अनफिट बसों के संचालन तथा सड़कों की खराब हालत को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। मंच ने ग्रामीण रूटों पर चल रही नौ वर्ष से अधिक पुरानी बसों को हटाने और मोटर वाहन अधिनियम के तहत सभी बसों की अनिवार्य फिटनेस जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। मंच ने सड़कों पर चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर क्रैश बैरियर, पैरापिट, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाने की भी मांग की है। इन कार्यों को 10 दिनों के भीतर पूरा करने की मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके। मंच के अनुसार, रामपुर डिपो में 11 से अधिक ऐसी बसें हैं, जिनकी वैल्यू शून्य हो चुकी है। ऐसी बसों को ग्रामीण रूटों पर नहीं भेजा जाना चाहिए। मंच ने रामपुर डिपो को 15 नई बसें आवंटित करने और रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति या प्रतिनियुक्ति करने की मांग भी उठाई है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। इसके अलावा, मंच ने बस दुर्घटना की एसडीएम स्तर पर 10 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर नोग घाटी के युवक मंडलों, महिला मंडलों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से अनिश्चितकालीन धरना, चक्का जाम और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर बीडीसी सदस्य रचोली ईशा, धर्मपाल, लेखराज नेगी, पवन जोक्टा, किशोर हुडन, मयंक गुप्ता, सुरजीत और निवेदिता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।