सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रेक्ट वर्कर यूनियन की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत : यूनियन
झाकड़ी में सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की हुई बैठक
. 17 जून से बस अड्डा पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सीटू से संबंधित सतलुज जल विद्युत निगम कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (1500 मेगावाट परियोजना) की बैठक झाकड़ी में आयोजित हुई। बैठक में यूनियन के सदस्यों ने लंबित मांगें पूरी न होने पर रोष जताया। यूनियन अध्यक्ष राजकुमार और महासचिव कामराज ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है कि 15 सितंबर 2025 को प्रबंधन और मजदूरों के बीच हुए समझौते को 10 महीने बाद भी लागू नहीं किया गया है। पात्र मजदूरों को न ग्रेच्युटी का लाभ मिल रहा है और उचित वेतन व पद मिल रहा है। समझौते के अनुसार सभी पात्र मजदूरों को ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाना था और मजदूरों को उनके कार्य के अनुरूप उचित वेतन सहित पद प्रदान किए जाने थे, लेकिन प्रबंधन की ओर से इन मांगों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि यूनियन ने 23 मार्च 2026 को प्रबंधन को नया मांग-पत्र भी सौंपा था, लेकिन आज तक कोई सार्थक वार्ता शुरू नहीं की गई है। बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रबंधन के कुछ अधिकारी यूनियन के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और यूनियन की लोकतांत्रिक गतिविधियों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। बैठक में विशेष रूप से नाथपा साइट में कार्यरत एक अधिकारी के व्यवहार पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। यूनियन का कहना है कि उक्त अधिकारी की ओर से मजदूरों को डराने-धमकाने, उन पर अनावश्यक दबाव बनाने और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यूनियन ने चेताया है कि इस प्रकार का रवैया किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि मजदूरों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया कि मजदूरों की मांगों को लागू करवाने और प्रबंधन के भेदभावपूर्ण रवैये के विरोध में 17 जून से बस अड्डा पर धरना-प्रदर्शन एवं रोष प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।