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निजी वाहन अवैध रूप से दे रहे टैक्सी सेवाएं : नरेश कुमार

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किंगल में बैठक में ओवरलोडिंग और अवैध संचालन पर यूनियन ने जताई चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन उपमंडल के किंगल क्षेत्र में आयुष्मान टैक्सी ऑपरेटर यूनियन की मासिक बैठक हुई। अध्यक्षता यूनियन के प्रधान नरेश कुमार ने की। बैठक में क्षेत्र में टैक्सी संचालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे प्रमुख मुद्दा प्राइवेट टैक्सी के रूप में इस्तेमाल की जा रहीं निजी गाड़ियों का रहा। यूनियन के प्रधान नरेश कुमार ने बताया कि निजी वाहन अवैध रूप से टैक्सी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे पंजीकृत टैक्सी ऑपरेटरों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर पहले भी कई बार आरटीओ रामपुर को अवगत करवाया गया है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग उठाई। इसके अलावा बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। यूनियन ने निर्णय लिया कि क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया जाएगा। यूनियन ने सभी टैक्सी चालकों और मालिकों से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं। बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा नेपाल मूल के लोगों की ओर से संचालित कथित समितियों का भी उठाया गया। यूनियन के पदाधिकारियों में पूर्व प्रधान गणेश गौतम भी शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये समितियां अवैध रूप से टैक्सी संचालन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 17-सीटर टेंपो ट्रैवलर में ओवरलोडिंग कर बस की तरह प्रति व्यक्ति किराया वसूला जा रहा है और इन वाहनों का संचालन कुमारसैन, रामपुर, नारकंडा और ठियोग रूट से नेपाल तक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सरकारी परिवहन सेवा को भी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा ओवरलोडिंग के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां ओवरलोड टेंपो ट्रैवलर दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं और घायलों को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर करना पड़ा है। यूनियन के सदस्यों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि अवैध संचालन पर सख्त कार्रवाई की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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