चौपाल (रोहड़ू)। ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के मुख्य सलाहकार नसीम मोहम्मद दीदान ने बच्चों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज, शिक्षकों और सरकार को अहम संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक शिक्षा और तनावमुक्त वातावरण देना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। दीदान ने कहा कि शिक्षा को बोझ नहीं, सपनों का रास्ता बनाएं। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि शिक्षा को बच्चों पर बोझ बनाकर नहीं थोपा जाना चाहिए, बल्कि इसे उनके सपनों को साकार करने वाले सुंदर रास्ते के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते शैक्षणिक दबाव के कारण कई बच्चे मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि बच्चों पर होमवर्क का अत्यधिक बोझ न डाला जाए और उन्हें खेल, कला व अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। उनका कहना था कि तनावमुक्त माहौल में पढ़ने वाले बच्चे बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ आत्मविश्वासी भी बनते हैं। नसीम मोहम्मद दीदान ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में आधुनिक लैब, डिजिटल क्लासरूम और समृद्ध पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाईं जाएं। साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल मैदानों की उचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।