घी-खिचड़ी खाने की सदियों पुराना रिवाज आज भी कायम
शमशरी महादेव के वर्षाें पुराने इतिहास से रूबरू होने का मौका
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी(कुल्लू) । कुल्लू जिले के आउटर सिराज में मकर संक्रांति को लोग सबसे बडे़ त्योहार के रूप में मनाते हैं। क्योंकि आउटरसिराज में इस दिन हर घर से लोग अपने अराध्य देव के मंदिर में शीश नवाजने दूर-दूर से पहुंचते हैं। कहते हैं जो पूरी साल भर अपने ईष्ट देव के दरबार में नहीं गया वह इस दिन जरूर देवालय जाकर अपने अराध्य देव से आशीष प्राप्त कर अपने आपको धन्य समझता है। मकर संक्रांति के दिन आउटर सिराज में घी के साथ खिचड़ी खाने का पुराना प्रचलन आज भी कायम है। खिचड़ी को लोग इस दिन भोग समझकर ग्रहण करते हैं और कहते हैं कि घी-खिचड़ी खाने से उनका पूरा साल सुख और आनंदमय व्यतीत होता है और भोले की आपार कृपा बरसती रहती है। इस दिन सभी लोग एक दूसरे को पुष्प व द्रुबा भेंटकर गले मिलते हैं। मकर संक्रांति के लिए क्षेत्र के तमाम देवालय पूरी तरह से सज चुके हैं। देवता के कारकुन अपने-अपने मंदिरों में पहुंच चुके हैं। क्षेत्र के शमशरी महादेव, खुड्डीजल देवता, जोगेश्वर महादेव, बैहनी महादेव, बूढ़ा महादेव, कोट बझारी, नारायण, पनेउई नाग, कुंगशी महादेव, लोमश ऋषि, व्यास ऋषि, देउरी दुर्गा मंदिर , जल देवता, टकरासी नाग,बाड़ी मां, सहित निरमंड के तमाम मंदिरों में अपने अराध्य के दर लोग शीश नवाएंगे। आनी के प्रसिद्ध शमशरी महादेव मंदिर में हजारों साल पुराने इतिहास देखने को यहां के लोगों को मौका मिलता है। इस दिन यहां मंदिर में हजारों साल पुराने शिवलिंग के रहस्य से जनता रूबरू होती है और इस दिन लिंग की उत्पति का रहस्य भी लोग जानते हैं। मंदिर कमेटी के सचिव मस्तराम ठाकुर ने बताया कि शमशरी महादेव मंदिर में साजे माघ को लेकर पूरी तैयारियां कर दी गई हैं। यहां देवता का विशाल झाड़ा होगा। इसमें देवता गुर के माध्यम से अपने भक्तों को आशीर्वाद देंगे। तदोपरान्त देवता निश्चत काल तक स्वर्ग प्रवास के लिए निकलेंगे।