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Rampur Bushahar News: नंदी को दुखड़ा सुना भगवान भोले के दरबार पहुंचे हजारों शिवभक्त

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रामपुर बाजार में ​स्थित ​शिव मंदिर में  दर्शन करने के लिए कतारे में खडे लोग। संवाद
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खराब मौसम भी नहीं रोक पाया देवढांक पहुंचे हजारों शिवभक्तों के कदम
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शिव के जयकारों से गूंज उठा रामपुर और निरमंड क्षेत्र

मंदिर में सुबह चार बजे से लगी श्रद्धालुओं की कतारें, घंटों इंतजार के बाद हुए दर्शन

भूतेश्वर महादेव, श्रीखंड महादेव, मां महिषमर्दिनी महालक्ष्मी, संकटमोचन और शिंगला शिवालय में भी हजारों श्रद्धालुओं ने नवाया शीश

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर/ निरमंड । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हजारों शिवभक्त नंदी को अपना दुखड़ा सुनाकर भगवान शिव के दरबार पहुंचे। पवित्र देवढांक गुफा मंदिर में हजारों शिवभक्तों ने अपनी हाजिरी भरी और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। खराब मौसम और बारिश भी भोले के भक्तों के कदम नहीं रोक पाई। मंदिर में सुबह चार बजे से ही शिव भक्तों की लंबी लंबी कतारें लग गईं। कई घंटों के इंतजार के बाद भक्तों के भगवान शिव के दर्शन हुए। रामपुर शहर और आसपास के शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र और फल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। समूचा क्षेत्र भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा। भगवान परशुराम की नगरी निरमंड से दो किलोमीटर दूर शिवजी की पवित्र गुफा देवढांक में महाशिवरात्रि पर्व पर हजारों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। कुल्लू जिले के साथ साथ शिमला और किन्नौर जिले के हजारों शिवभक्तों ने भोले के दरबार में अपनी हाजिरी भरी। क्षेत्र में देर रात से बारिश का दौर चलता रहा। इसके बावजूद शिवभक्तों का हौसला नहीं डगमगाया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में मंगलवार रात को भजन-कीर्तन का खूब दौर चला। शिव भक्तों ने भगवान शिव के भजन गाकर माहौल पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। बुधवार को शिव दर्शन के लिए सुबह करीब चार बजे से श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। कदम-दर-कदम श्रद्धालु हर हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। घंटों इंतजार के बाद लोगों को भगवान शिव की गुफा में प्रवेश करने को मिला। यहां श्रद्धालुओं ने अपने परिवार से विराजमान भोले शंकर के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने दूध, जल, बेलपत्र, बढ़, कनेरी, फल और धूप बत्ती से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। गुफा के भीतर स्थित मंदिर में भक्त एक ओर से पिंडी दर्शन के लिए प्रवेश करते हैं और दूसरी ओर से लेट कर बाहर निकलते हैं। मान्यता है कि दर्शनों को आने वाले व्यक्ति का शरीर कितना ही मोटा क्यों न हो वह आसानी से गुफा में प्रवेश कर लेता है। रामपुर शहर में स्थित प्राचीन भूतेश्वर महादेव शिवालय में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की आना शुरू हो गया। लोगों ने शिवलिंग पर दूध, जल और फलादि अर्पित कर शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अलावा मां महिषासुरमर्दिनी महालक्ष्मी मंदिर खोपड़ी, पाटबंगला स्थित भगवान श्रीखंड महादेव मंदिर, संकटमोचन मंदिर, डंसा स्थित शिव मंदिर और शिंगला के शिवालय में हजारों शिव भक्तों ने भगवान के समक्ष शीश नवाया। शिवरात्रि को लेकर अधिकांश लोगों ने व्रत रखे और देर शाम को पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक कर व्रत तोड़ा। शिवरात्रि पर्व पर घर-घर में तेल से बने पारंपरिक व्यंजन बने। इन व्यंजनों को पहले भगवान शिव को चढ़ाया गया, जबकि इसके बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों में ये व्यंजन प्रसाद के रूप में बांटे गए। रामपुर के विभिन्न शिवालयों में आज भंडारों का आयोजन किया जाएगा। देवढांक मंदिर कमेटी के अध्यक्ष टेक भंडारी, सचिव बिहारी लाल, पदम सिंह सहित अन्य ने बताया कि मंदिर कमेटी की ओर से मंगलवार को जागरण का आयोजन किया गया। शिव भक्तों के लिए रात्रि भोज का भी प्रबंध किया गया था। उन्होंने कहा कि मंदिर में जो भक्त सच्ची भावना से आते हैं, उनकी हर मनोकामना पूरी होती है।

रामपुर बाजार में स्थित शिव मंदिर में  दर्शन करने के लिए कतारे में खडे लोग। संवाद

रामपुर बाजार में स्थित शिव मंदिर में  दर्शन करने के लिए कतारे में खडे लोग। संवाद

रामपुर बाजार में स्थित शिव मंदिर में  दर्शन करने के लिए कतारे में खडे लोग। संवाद

रामपुर बाजार में स्थित शिव मंदिर में  दर्शन करने के लिए कतारे में खडे लोग। संवाद

रामपुर बाजार में स्थित शिव मंदिर में  दर्शन करने के लिए कतारे में खडे लोग। संवाद

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