फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहित्य समाज में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम : डॉ. सुनीता ठाकुर

विज्ञापन
साहित्य समाज में महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम : डॉ. सुनीता ठाकुरराजकीय महाविद्यालय आनी में ‘
विज्ञापन
आनी कॉलेज में महिला सशक्तीकरण, साहित्य और समाज विषय पर विशेष व्याख्यान
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। राजकीय महाविद्यालय आनी में शुक्रवार को महाविद्यालय साहित्य परिषद, हिंदी परिषद और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में महिला सशक्तीकरण, साहित्य और समाज विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के हिंदी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनीता ठाकुर ने रिसोर्स पर्सन के रूप में विद्यार्थियों को महिला सशक्तीकरण के बारे में जानकारी दी। डॉ. सुनीता ठाकुर ने कहा कि साहित्य समाज की परिस्थितियों, विचारों और बदलावों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। हिंदी साहित्य में महिला पात्रों के माध्यम से महिलाओं की सामाजिक स्थिति, संघर्ष, आत्मनिर्भरता और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। साहित्य न केवल समाज का प्रतिबिंब है, बल्कि सामाजिक चेतना और सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण का अर्थ केवल महिलाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना नहीं है, बल्कि उन्हें समान अधिकार, सम्मान, स्वतंत्रता और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता प्रदान करना भी है। समाज में लैंगिक समानता स्थापित करने के लिए महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना आवश्यक है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दायक राम ठाकुर ने विद्यार्थियों को साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना विकसित करने तथा महिला सशक्तीकरण की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने डॉ. सुनीता ठाकुर से विषय से संबंधित प्रश्न पूछे और चर्चा में भाग लिया। इस अवसर पर प्रो. नरेंद्र पॉल, डॉ. संगीता नेगी, प्रो. वर्षा वर्मा, डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. पुष्पा गुलेरिया और प्रो. पम्पी घामटा सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें