पूह (किन्नौर)। किन्नौर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पूह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। शिविर की अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर निशांत वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता शिविरों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ कानूनी तौर पर साक्षर बनाना भी है। इसके साथ ही प्राधिकरण की ओर से दी जा रही मुफ्त कानूनी सहायताओं के बारे में भी जागरूक करना है। उन्होंने लोगों से आपसी झगड़ों को पंचायत स्तर, मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से निपटाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लोग अपने न्यायिक मामले अदालत में दर्ज कर सकते हैं। शिविर में प्राधिकरण के सौजन्य से समाज के विभिन्न वर्गों को प्रदान की जा रही निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। जागरूकता शिविर का उद्देश्य जिले के ऐसे सभी व्यक्ति जो आर्थिक दृष्टि से गरीब, पिछड़े और कमजोर वर्ग (अनुसूचित जाति, जनजाति), महिलाएं, असहाय, नाबालिग बच्चे, ऐसी महिलाएं और बुजुर्ग व्यक्ति जिनका कोई सहारा नहीं है और जिन्हें बुढ़ापे में अकेला छोड़ दिया जाता है, को कानूनी अधिकारों से अवगत करवाना है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे व्यक्तियों को निशुल्क कानूनी सहायता, कानूनी सलाह और कानूनी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। खंड विकास अधिकारी विजय कांत नेगी ने भी कार्यक्रम में अपने विचार प्रकट किए। इस मौके पर ग्राम पंचायत पूह प्रधान राजेश कुमार, उपप्रधान दोरजे नेगी, ग्राम पंचायत नमज्ञा प्रधान बलदेव नेगी और विभिन्न पंचायतों के जन प्रतिनिधि और पंचायत सचिव मौजूद रहे।