चौपाल (रोहड़ू)। प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला शिमला ने शिक्षा विभाग की ओर से 130 सीबीएसई संबंध विद्यालयों में शिक्षकों के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य करने के निर्णय का विरोध जताया है। संघ ने इस फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। संघ के प्रधान देवेंद्र लख्तू, महासचिव आकाशदीप शर्मा, उप प्रधान सुरेंद्र कौर और कोषाध्यक्ष गगन चौहान ने कहा है कि वर्तमान में इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक पहले ही कमीशन और विभिन्न परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हुए हैं। उनके पास 15 से 20 वर्षों का समुचित अनुभव है। ऐसे अनुभवी और योग्य शिक्षकों पर दोबारा प्रवेश परीक्षा की शर्त लगाना तर्क संगत नहीं है। संघ का कहना है कि अपनी सीनियरिटी और कैडर छोड़कर कोई भी शिक्षक सीबीएसई में जाना नहीं चाहेगा।