रोहड़ू। विश्व ओजोन दिवस पर सरस्वतीनगर कॉलेज के भूगोल विभाग ने विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। भूगोल विभाग और महाविद्यालय के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का विषय नेपाल में हालिया बाढ़ आपदा भौगोलिक एवं भू-स्थानिक परिप्रेक्ष्य रहा। व्याख्यान में भूगोल विभाग के सहायक आचार्य प्रो. कैलाश चौहान ने विद्यार्थियों को नेपाल में आई हालिया बाढ़ के भौगोलिक कारणों, इसके स्थानिक विस्तार तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभावी विश्लेषण और प्रबंधन में रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और उपग्रह चित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भूस्थानिक तकनीकों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान, बाढ़ मानचित्रण और क्षति आकलन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। साथ ही आपदा प्रबंधन एवं आपदा के प्रभाव को कम करने में इन आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। महाविद्यालय में आयोजित यह विशेष व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। कार्यक्रम ने भूगोल विषय के अध्ययन को आपदा प्रबंधन और आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने का अवसर भी प्रदान किया।