संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत एचपीएमसी के केंद्रों में खरीदी गईं सेब की लाखों बोरियां मंडियों में पहुंचने से पहले ही सड़ रही हैं। बारिश के बाद केंद्रों के बाहर सड़क के किनारे रखीं बोरियां मलबे में दब गई हैं, तो कहीं पानी के बीच खराब हो गई हैं। बोरियों के खराब होने से इस बार एचपीएमसी को लाखों की चपत लगने वाली है। रोहड़ू, चिड़गांव, जुब्बल व कोटखाई में एचपीएमसी के सौ के करीब केंद्रों में सेब की एक लाख से अधिक बोरियां पड़ी हुई हैं। बीते छह दिनों से भारी बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश सड़कें बंद थीं। कई सड़कें अभी केवल छोटे वाहनों के लिए ही बहाल हो सकी हैं। अब मौसम खुलने के बाद बारिश से खराब सेब फिर केंद्रोंं में पहुंचना शुरू हो गया है। इन बोरियों को एचपीएमसी की ओर पराला, परवाणू और अंबाला पहुंचाया जाना था, लेकिन सड़कों की हालत खराब होने पर सेब से भरी बोरियों से पानी निकलना शुरू हो गया है। हालांकि, बागवानोंं को भी विभाग की ओर से कई रसीद तक नहीं दी गई है, जिससे बागवानों में भी चिंता बनी हुई है। एचपीएमसी के प्रभारी संजय वर्मा ने कहा कि रोहड़ू के केंद्रों से मौसम खुलने के बाद बोरियोंं को ठिकाने पहुंचाने के लिए ट्रकों की मांग की गई है। जहां सड़क खुल चुकी है, वहां से प्राथमिकता के आधार पर बोरियों को पहुंचाने के प्रयास जारी है।