हिमाचल किसान सभा के पदाधिकारी और सदस्य दलाश में बैठक के दौरान। संवाद
एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर उठाएंगे राहत की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दलाश (कुल्लू)। हिमाचल किसान सभा की बैठक मंगलवार को विश्राम गृह दलाश में हुई। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी के अध्यक्ष टीकम राम ने की। बैठक में प्रदेश सरकार और वन विभाग की ओर से किसानों की बेदखली के खिलाफ आनी में प्रदर्शन की तैयारी को लेकर हिमाचल किसान सभा और हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने रणनीति बनाई। बैठक में निर्णय लिया कि किसानों की बेदखली को लेकर मंगलवार को किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के सदस्य एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजेंगे। हिमाचल किसान सभा व हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी ने बताया कि परिवार में बंटवारे के चलते प्रदेश में गरीब किसानों के पास इतनी जमीन नहीं है कि वो अपना गुजारा कर सकें। प्रदेश के करीब दस लाख किसान परिवारों के पास 10.7 फीसदी जमीन ही कृषि योग्य भूमि है और 87 फीसदी किसान लघु और सीमांत है। किसान और बागवानों की मांग है कि वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन कर गरीब और लघु, सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा भूमि दी जाए। सरकार के मालिकाना हक वाली जमीन का आवंटन गरीब किसानों को भू-राजस्व अधिनियम 1954 और 2000 में शामिल की गई धारा 163 के तहत किया जाए। सरकार व वन विभाग के द्वारा की जा रही बेदखली कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं हो रही है और गरीबों को बेघर करने का काम किया जा रहा है। इस मौके पर डॉ. ओंकार शाद, हिमाचल किसान सभा आनी के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर, सचिव गीता राम हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी के सचिव हेमराज, दलीप, विजय, ओमी प्रेम, टीकम, हरविंदर, डोला सिंह, ओमप्रकाश, प्रताप सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।