. अक्तूबर 2025 में हुई थी स्थापना, अब तक 272 बाह्य रोगी सेवाएं दर्ज
. अगस्त में 99 लोगों ने लिया उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिले में नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों और उनके परिवारों के लिए कल्पा में स्थापित नशा मुक्ति उपचार केंद्र उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। अक्तूबर 2025 में स्थापित यह केंद्र नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और परामर्श सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। केंद्र को भारत सरकार के नशा मुक्ति उपचार केंद्र कार्यक्रम के तहत स्थापित किया गया है। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्र को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली के राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र से तकनीकी सहयोग और विशेषज्ञ प्रशिक्षण मिल रहा है। स्थापना के बाद से केंद्र में अब तक 272 बाह्य रोगी उपचार सेवाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने बताया कि केवल अगस्त 2026 में ही केंद्र में 99 बाह्य रोगी उपचार सेवाएं प्रदान की गईं। इनमें 21 नए पंजीकरण और 78 अनुवर्ती उपचार सेवाएं शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार केंद्र में उपचार के लिए लगातार पहुंच रहे लोगों से यह संकेत मिलता है कि नशा मुक्ति के लिए उपलब्ध उपचार और परामर्श सेवाओं का लोग लाभ उठा रहे हैं। उपायुक्त ने बताया कि जिले में नशा मुक्ति, उपचार, पुनर्वास और परामर्श सेवाओं को और मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने कल्पा में समर्पित पूर्णकालिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित केंद्र का संचालन सहयोग संस्था के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इस केंद्र के माध्यम से व्यापक पुनर्वास और परामर्श सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ समुदाय स्तर पर नशे के खिलाफ जागरूकता और प्रभावी हस्तक्षेप को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सहकर्मी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की भी योजना है, ताकि नशा मुक्ति का संदेश समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। उपायुक्त ने नशे की समस्या से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों से समय पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि कल्पा स्थित केंद्र में निशुल्क एवं वैज्ञानिक उपचार और परामर्श सेवाएं उपलब्ध हैं। जरूरतमंद लोग बिना संकोच केंद्र पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।