जिला कांग्रेस अध्यक्ष किन्नौर उमेश नेगी ने विजेता टीमों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
पांच दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में 43 स्कूलों के 601 खिलाड़ियों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर जिले के कल्पा मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय पांच दिवसीय अंडर 19 छात्र वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कल्पा ओवरऑल चैंपियन बना। प्रतियोगिता का समापन सोमवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमेश नेगी ने किया। इस दौरान उन्होंने सभी विजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता में 43 स्कूलों 601 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान वॉलीबाल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रिकांगपिओ प्रथम और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सांगला ने दूसरा स्थान हासिल किया। बॉस्केटबाल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कटगांव प्रथम, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कोठी ने दूसरा स्थान हासिल किया। कबड्डी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सांगला ने प्रथम स्थान और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रिकांगपिओ ने दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चगांव ने प्रथम स्थान और प्रोजेक्ट स्कूल भावानगर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। बेडमिंटन में प्रोजेक्ट स्कूल भावानगर पहला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चांगो ने दूसरा स्थान हासिल किया। फुटबाल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कल्पा पहला , राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कोठी ने दूसरा स्थान हासिल किया। बॉक्सिंग में रिकांगपिओ स्कूल पहला और चंगाव स्कूल ने दूसरा स्थान हासिल किया। हैंडबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्य मिक स्कूल निचार ने पहला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कल्पा ने दूसरा स्थान हासिल किया। योग में रिकांगपिओ स्कूल ने पहला, कानम ने दूसरा और कंबा स्कूल तीसरे स्थान पर रहा । इसके अलावा बेस्ट मार्च पास्ट में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कानम ने पहला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रिकांगपिओ दूसरे स्थान पर रहा। अनुशासन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल रिब्बा ने पहला स्थान हासिल किया। इस मौके पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष किन्नौर सरोज नेगी, ग्राम पंचायत उपप्रधान पदम भंडारी, कार्यालय सचिव कांग्रेस भरत लाल, उच्च उप शिक्षा निदेशक किन्नौर सुरेंद्र नेगी, कल्पा स्कूल के प्रधानाचार्य चंद्रवती, डाइट रिकांगपिओ प्रधानाचार्य कुलदीप नेगी सहित सभी स्कूलों के शिक्षक और अन्य लोग मौजूद रहे।