दो दिवसीय पारंपरिक पर्व में चार देवी-देवताओं ने लिया भाग, पारंपरिक वेशभूषा में खूब चला नाटियों का दौर
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संवाद न्यूज एजेंसी
ब्रौ (रामपुर बुशहर)। भगवान परशुराम की नगरी निरमंड में देव परंपरा के प्रतीक दो दिवसीय काव छट मेले का समापन हो गया। क्षेत्र के चार आराध्य देवी-देवताओं की विदाई के साथ मेला संपन्न हुआ। दो दिन तक जहां क्षेत्र के लोगों ने नाटियों का खूब दौर चलाया, वहीं ग्रामीणों ने मेले में आए देवी-देवताओं से शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया। निरमंड के निचले गंगड़ी बाजार में आयोजित इस मेले में लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। मेले में आई अंबिका माता, दक्षिणी महादेव, चंडी माता, विशेश्वर महादेव के रथ नृत्य ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया। सदियों से चली आ रही देव परंपराओं का निर्वहन हुआ, जिसे देखकर ग्रामीण बहुत प्रभावित हुए। लोगों ने दोनों दिन चारों देवी देवताओं का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्रामीणों ने उनसे अपने परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के अंतिम दिन चारों देवी-देवताओं ने आपस में गले मिलकर अगले वर्ष पुन: इस मेले में मिलने का वादा किया। ग्रामीणों ने सभी देवी-देवताओं को विदाई दी।
निरमंड में काव छट मेले के दौरान देव मिलन का मनमोक नजारा। संवाद