निरमंड (कुल्लू)। निरमंड की बागा सराहन पंचायत में ऐतिहासिक झीरू मेले का बुधवार को समापन हो गया। ग्रामीण दिनभर ढोल-नगाढ़ों की थाप पर झूमते रहे। आउटर सिराज क्षेत्र के इस मेले में देवता बूढ़ा सरौहणी, मां ब्रह्मचूड़ी और झलैर फाटी के देवता रियासी नाग ने दिव्य रथ पर देव वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के साथ कारकून और देवलुओं के साथ शिरकत की। मंदिर कमेटी के सचिव अशोक ठाकुर ने बताया कि इस मेले में देवता की भव्य जलेब यात्रा निकाली गई और पड़ेई का पेड़ दोनों मंदिरों में लगाया गया। मेला मैदान में ग्रामीण महिलाओं ने कुल्लुवी वेशभूषा में धूप जलाकर सूखे मेवे तीनों देवताओं को अर्पित किए। शिव-पार्वती के विवाहित रूप में यहां की महिलाओं ने लोकनृत्य किया और अढ़ाई फेरे नृत्य के बाद भव्य नाटी की रस्म निभाई।