रामपुर बुशहर स्थित मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल किन्नौर ने सुनाया फैसला
याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक ब्याज सहित देने होंगे 61,500 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर बुश्हर स्थित मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल किन्नौर ने छह साल पुराने सड़क हादसे के पीड़ित व्यक्ति को मुआवजा देने का फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक 7.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर के हिसाब से ब्याज सहित 61,500 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह याचिका जिला किन्नाैर निवासी जिया लाल ने मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा-166 के तहत पांच लाख रुपये के मुआवजे के लिए दायर की थी। सड़क हादसा नवंबर 2020 को झाकड़ी के पास हुआ था। दो कारों की टक्कर में याचिकाकर्ता जिया लाल घायल हुए थे। याचिका में लापरवाही से कार चलाने वाले चालक, कार के मालिक, बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी समेत पांच पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया था। एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने याचिका का विरोध किया था। तर्क दिया था कि टक्कर मारने वाली कार को बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्त का उल्लंघन कर चलाया जा रहा था। यह याचिका भी कार मालिक और चालक की मिलीभगत से दायर की गई है, इसलिए याचिका को खारिज करने मांग की थी। ट्रिब्यूनल ने फैसले में टिप्पणी की है कि प्रतिवादियों ने यह दर्शाने के लिए कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है कि याचिका कैसे विचारणीय नहीं है। इस मुद्दे को साबित करने का दायित्व एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड पर था, लेकिन वह सबूत नहीं दे पाए कि कार को बीमा पॉलिसी के नियमों और शर्तों के उल्लंघन में चलाया जा रहा था। अदालत ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को चिकित्सा शुल्क के रूप में 1,500 रुपये, अस्पताल और घर को आने-जाने के लिए परिवहन शुल्क के लिए 10 हजार रुपये और विभिन्न तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गैर आर्थिक क्षति के रूप में 50 हजार रुपये प्रदान किए जाएं। याचिकाकर्ता लापरवाही से कार चलाने वाले चालक और कार के मालिक से कुल 61,500 रुपये के मुआवजे का हकदार है। हालांकि, प्रतिवादी चालक और मालिक की कार के बीमाकर्ता होने के नाते एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को इस अवार्ड राशि की क्षतिपूर्ति करनी होगी। कंपनी को 45 दिनों के भीतर भुगतान करने और वसूल करने के सिद्धांत पर राशि जमा करवाने के आदेश दिए हैं।