एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ढाबों और होटलों का निरीक्षण करते हुए।
औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, रामपुर शहर में नहीं मिला एक भी बाल मजदूर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बाल मजदूरी को लेकर मंगलवार को प्रशासन और विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने रामपुर बाजार में औचक निरीक्षण किया। रामपुर में एक भी बाल मजदूर नहीं मिला। हालांकि, प्रशासन के इस औचक निरीक्षण से ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया। मंगलवार को एसडीएम रामपुर निशांत तोमर की अगुआई में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने रामपुर शहर के सभी ढाबों और रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। अचानक दी गई इस दबिश से शहर के ढाबा संचालकों में हड़कंप मच गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य बाल मजदूरों की जांच और कहीं 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम तो नहीं करवाया जा रहा, यह सुनिश्चित करना था। एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि ढाबों और रेस्टारेंट की जांच की गई। इस निरीक्षण के दौरान बीडीओ, बीपीईओ, श्रम अधिकारी, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस पूरी जांच में कहीं पर भी बाल मजदूर नहीं मिले। उन्होंने बताया कि इस तरह के निरीक्षण भविष्य में भी किए जाते रहेंगे। उन्होंने ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देश दिए कि उनके पास जो भी काम करता है। उसका हर स्तर पर सत्यापन किया जाए, ताकि यह पता चल सके कि कौन कहां से आकर रामपुर में काम कर रहा है। बाल मजदूर रखना या बच्चों से काम करवाना कानूनी अपराध है। यदि कोई संचालक ऐसा करते पाया गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ढाबों और होटलों का निरीक्षण करते हुए।