डोडरा क्वार उपमंडल की जिसकुन पंचायत में आयोजित शिविर में उपस्थित बागवान। स्रोत:विभाग
. अखरोट उत्पादन और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग ने शुरू की नई पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। डोडरा-क्वार उपमंडल की जिसकुन पंचायत में उद्यान विभाग ने ग्रामीणों को नवीनतम बागवानी तकनीकों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उद्यान विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणाें को अखरोट के पौधे भी वितरित किए। उद्यान विभाग के उपनिदेशक ने उपमंडल दंडाधिकारी डोडरा-क्वार को पत्र लिखकर प्रत्येक पंचायत में अखरोट पौधे वितरण की स्वीकृति का प्रस्ताव रखा है। इसी के अंतर्गत पांच लाख की स्वीकृति उपलब्ध होने पर जिसकुन में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस शिविर में 100 से अधिक पुरुष और महिला बागवानों के साथ पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। शिविर में एसडीएम डोडरा-क्वार कीर्ति चंदेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर के दौरान बागवानों को नवीनतम बागवानी तकनीकों की जानकारी दी गई और पंचायत के माध्यम से अखरोट की उन्नत किस्मों के पौधे वितरित किए गए। इस अवसर पर कीर्ति चंदेल ने बागवानी विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग ने उत्तम गुणवत्ता के पौधे उपलब्ध करवाकर क्षेत्र में आय-वृद्धि एवं फसल विविधीकरण की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने उपनिदेशक उद्यान डॉ. सुधर्शना नेगी, विषय विशेषज्ञ उद्यान डॉ. कुशाल सिंह मेहता, डॉ. अश्वनी चौहान, उद्यान विकास अधिकारी डोडरा-क्वार डॉ. कपिल देव बशलवान के सामूहिक प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की। बागवानी विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि इस वर्ष मनरेगा के अंतर्गत 1,938 अखरोट पौधे वितरित किए गए हैं। साथ ही बागवानों की मांग पर परसिमन (जापानी फल) के पौधे भी उपलब्ध करवाए गए। बागवान इन पौधों की वैज्ञानिक विधि से देखभाल करेंगे और आने वाले वर्षों में जिसकुन पंचायत अखरोट उत्पादन में अग्रणी बनेगी। साथ ही आगामी वर्ष डोडरा-क्वार की शेष चार पंचायतों में भी मनरेगा के अंतर्गत अखरोट पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह पहल डोडरा-क्वार क्षेत्र में बागवानी को टिकाऊ आजीविका और जलवायु-अनुकूल कृषि की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध होगी।