, मेला स्थल पहुँचने पर एक दूसरे से मिलते देवता साहिब।
देवी-देवताओं के आगमन के साथ मेला शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी(कुल्लू) आनी के श्वाड गांव का प्रसिद्ध ग्रामीण शिशिर उत्सव लवी मेला श्वाड रविवार को देवता व्यास ऋषि कुंईर, बैनशी महादेव और देवता मांहूंनाग के आगमन और उनकी भव्य शोभा यात्रा के साथ शुरू हो गया। तीनों अतिथि देवताओं के मेला स्थल पहुंचने पर मेला कमेटी ने देव परंपरा के अनुसार भव्य स्वागत किया। देव आगमन के समय देवता बैनशी महादेव के गुर ने खेल में आकर लोहे की छड़ को गाल के आरपार कर सभी को आचंभित किया। मेला कमेटी अध्यक्ष डोला सिंह ने बताया कि प्राचीन समय से मनाया जा रहा श्वाड लवी मेला अपनी प्राचीन संस्कृति को संजोए हुए है। पहले यह मेला नींड लवी के नाम से मशहूर था। इस ऐतिहासिक मेले में दो जिला कुल्लू और जिला मंडी के विभिन्न सीमावर्ती गांव के लोग बढ़चढ़कर भाग लेते हैं। मेले का विधिवत शुभारंभ समाजसेवी महेश विशिष्ठ ने बतौर मुख्यातिथि के रूप में किया। स्थानीय मेला कमेटी ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय महिला मंडलों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेशकर खूब वाहवाही लूटी। वहीं, मेला शुभारंभ के मुख्यतिथि महेश विशिष्ठ ने इस मौके पर अपने संबोधन में लोगों को मेले की बधाई दी और कहा कि शिशिर उत्सव रघुपुर व जांजा क्षेत्र का ऐतिहासिक मेला है, जिसमें दो जिला के विभिन्न गांव के लोग बढ़चढ़कर भाग लेते हैं और देवता का आशीर्वाद लेकर अपनी लोक संस्कृति का आनंद उठाते हैं। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए अपनी ओर से 21 हजार रुपये की सहयोग राशि भेंट की। कार्यक्रम में मंच का संचालन सचिव चेतन शर्मा ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के साथ अमर ज्योति खेल एवं संस्कृति कला मंच के अध्यक्ष डोला सिंह चौहान, उपाध्यक्ष खेमराज शर्मा, सचिव चेतन शर्मा, कोषाध्यक्ष कुमार ठाकुर के अलावा तिलक, गौतम गोकल आजाद, वीरेंद्र शर्मा, प्रेम शर्मा और गोपाल भारद्वाज सहित मेला कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
, मेला स्थल पहुँचने पर एक दूसरे से मिलते देवता साहिब।