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Rampur Bushahar News: प्रभावितों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 6 मार्च को बंद करेंगे काम

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नित्थर में किसान सभा की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत: सभा
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किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक में बनाई रणनीति
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19 को शिमला में सचिवालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन में भी भाग लेंगे प्रभावित


संवाद न्यूज एजेंसी

नित्थर (कुल्लू)। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की लूहरी परियोजना से प्रभावित किसानों ने सरकार और परियोजना प्रबंधन को चेताया है कि यदि उनकी समस्याओं को समाधान नहीं हुआ, तो 6 मार्च से परियोजना का कार्य बंद कर देंगे। किसान सभा लंबे समय से किसानों को रोजगार, एकमुश्त राशि और मुआवजा जारी करने की मांग कर रही हैं। इन्हीं मांगों को लेकर क्षेत्र के किसान 19 जनवरी को शिमला में सचिवालय के बाहर होने वाले विरोध प्रदर्शन में भी भाग लेंगे। किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक शनिवार को नित्थर में हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों के मुद्दों और मांगों पर चर्चा की गई। साथ ही 19 जनवरी को शिमला में सचिवालय के बाहर प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर होने वाले प्रदर्शन की योजना बनाई गई। बैठक में मौजूद सदस्यों को संबोधित करते हुए किसान सभा लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और उपाध्यक्ष कपिल ठाकुर ने कहा कि इस परियोजना के बनने से प्रभावित पंचायतों के किसानों को जो उम्मीद थी, वह पूरी नहीं हुई है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम जिम्मेवार है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के निर्माण में जिन परिवारों ने अपनी जमीन दी है। उनमें से आज भी 128 परिवार ऐसे हैं, जिनको अभी तक न तो एकमुश्त राशि मिली और न ही रोजगार मिला। धूल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा अभी तक केवल देलठ, नीरथ, फाटी नित्थर में वर्ष 2021-22 का ही दिया गया है, बाकी का अभी तक दिया नहीं गया है। ब्लास्टिंग से मकानों में आई दरारों का मुआवजा आज तक केवल देलठ शमाथला, नित्थर और नीरथ पंचायत में ही दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को कई बार सरकार और प्रशासन के समक्ष उठाया गया है। यदि समय पर प्रभावितों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 6 मार्च से परियोजना का काम बंद किया जाएगा। इस अवसर पर रणजीत, अम्मी चंद, गुडला देवी, तारा चंद, लता देवी, निशा देवी, इंदिरा देवी, उमा देवी, कुंजी लाल, निहाल चंद, ध्यान सिंह, राम दास, लाल चंद और निर्मल चंद सहित अन्य मौजूद रहे।
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