पत्नी बिना बताए मायके चली गई और वापस नहीं लौटी
न्यायालय ने पाया कि पत्नी ने पति के साथ क्रूरता की और उसे छोड़ दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित परिवार न्यायालय किन्नौर ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर पति की तलाक याचिका को स्वीकार किया है। याचिकाकर्ता पति ने जनवरी 2014 में हुए विवाह को भंग करने की मांग की थी। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी बिना बताए मायके चली गई और वापस नहीं लौटी। उधर, पत्नी ने शुरू में याचिका का विरोध किया था और याचिका की वैधता पर सवाल उठाए थे। उसने पति पर दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया था। हालांकि, बाद में वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय ने उसे एकतरफा कार्रवाई के तहत दोषी माना। न्यायालय ने पाया कि पत्नी ने आरोपों का खंडन करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया। न्यायालय ने पाया कि पत्नी ने पति के साथ क्रूरता की और उसे छोड़ दिया। पत्नी की ओर से मामले का विरोध न करने से पति के आरोपों की पुष्टि हुई। न्यायालय ने कहा कि पत्नी के आचरण से क्रूरता और परित्याग का अनुमान लगाया जा सकता है। इस आधार पर पति को तलाक की डिक्री का अधिकार मिला और विवाह को भंग कर दिया गया।