. रामपुर अदालत ने एचआरटीसी को 1.03 लाख रुपये का मुआवजा देने को दिए आदेश
. वर्ष 2018 में हुए हादसे के घायल व्यक्ति ने दायर की थी याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सात वर्ष पहले हुए बस हादसे में घायल व्यक्ति को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) मुआवजा देगा। रामपुर स्थित मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल किन्नौर ने एचआरटीसी को 1.03 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके लिए चंद्र सिंह निवासी कल्पा जिला किन्नौर ने याचिका दाखिल की थी। याचिका के अनुसार 12 नवंबर, 2018 को सांगला के कुप्पा में निगम की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इस हादसे में चंद्र सिंह घायल हुए थे। शुरुआत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगला में प्राथमिक उपचार मिला। इसके बाद क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में रेफर किया गया। वहां से कुमारहट्टी के निजी अस्पताल में भेजा गया। अदालत ने याचिका को स्वीकार किया। एचआरटीसी रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक और बस चालक को प्रतिवादी बनाया गया गया। एचआरटीसी ने जवाब दाखिल कर कहा कि याचिकाकर्ता ने मुआवजा अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। यह याचिका निजी अस्पताल की मिलीभगत से दाखिल की गई है। इस बात से भी इन्कार किया कि दुर्घटना तेज रफ्तार और लापरवाही से हुई है। निगम प्रबंधन और चालक ने याचिका को खारिज करने की मांग की। बस चालक ने यह भी दलील दी कि यदि न्यायाधिकरण इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि याचिकाकर्ता मुआवजे का हकदार है, तो एचआरटीसी इसकी क्षतिपूर्ति करने के लिए बाध्य है। अदालत के निर्णय के अनुसार, इस मुद्दे को साबित करने का दायित्व प्रतिवादियों पर था। प्रतिवादियों ने इस बात का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है कि याचिका कैसे विचारणीय नहीं है। उपरोक्त सभी मुद्दों पर मेरे निष्कर्षों के परिणामस्वरूप तत्काल दावा याचिका स्वीकार की जाती है। एचआरटीसी को याचिकाकर्ता को इस याचिका के दायर होने की तिथि से भुगतान तक 7.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित 1,03,000 रुपये का मुआवजा देना होगा।