संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिले किन्नौर की सांगला घाटी में इन दिनों तीन दिवसीय होली उत्सव की धूम है। उत्सव के लिए बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। घाटी के नाग मंदिर में यह उत्सव मुख्य रूप से मनाया जा रहा। उत्सव के दूसरे दिन यानी सोमवार को स्थानीय लोग और पर्यटक मंदिर में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। उन्होंने एक-दूसरे को रंग लगाकर उत्सव का आनंद लिया। दिनभर डीजे धुनों में पर्यटक डांस करते रहे। वहीं, कुछ पुरुष रामायण और महाकाव्य के पात्रों का वेश धारण किए हैं। वह नाग मंदिर से जुलूस का नेतृत्व करते हुए एक गांव से दूसरे गांव जाते हैं। यह एक अद्भुत दृश्य होता है। जुलूस के दौरान स्थानीय व्यंजन और फासुर नामक पारंपरिक शराब भी परोसी जाती है। प्रशासन ने भी मेले के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। स्थानीय होटल व्यवसाय को भी इस त्योहार से काफी हो रहा है। सांगला में होली सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं है, यह फागुली उत्सव का एक अभिन्न अंग है। फाग मेला चौथे दिन मनाया जाएगा। यह उत्सव सर्दियों के अंत और वसंत के आगमन का प्रतीक है। इस उत्सव का तीसरा दिन होली को समर्पित है, जो मंगलवार को होगा।