. ग्रामीणों ने स्थायी समाधान करने और सुरक्षा जालियां लगाने की मांग उठाई
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. भूस्ख्रलन की चपेट में आने से पहले भी जा चुकी हैं दो जानें संवाद न्यूज एजेंसी नेरवा (रोहड़ू)।
शिमला-नेरवा-पांवटा साहिब मुख्य सड़क पर स्थित प्रसिद्ध डुंडी माता मंदिर के पास बुधवार रात को भारी भूस्खलन होने से हड़कंप मच गया। पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें और भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, जब सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही कम थी। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। शिमला और नेरवा-पांवटा साहिब को जोड़ने वाली यह सड़क स्थानीय लोगों के आवागमन के साथ यातायात की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं और बड़ी संख्या में लोग पैदल भी सफर करते हैं। ऐसे में दिन के समय भूस्खलन होने पर जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, डुंडी माता मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा लंबे समय से बना हुआ है। करीब तीन दशक पहले इस पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि लगभग तीन वर्ष पूर्व एक महिला की भी जान जा चुकी है। इसके बावजूद इस संवेदनशील स्थल पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से प्रशासन और संबंधित विभागों से पहाड़ी पर मजबूत रॉकफॉल प्रोटेक्शन नेट यानी पत्थर रोकने वाली सुरक्षा जालियां लगाने की मांग कर रहे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना पहाड़ी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार करवाया जाए। सड़क के ऊपर स्थित संवेदनशील हिस्से में मजबूत सुरक्षा जालियां लगाने के साथ अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय भी किए जाएं, ताकि गिरती चट्टानों और मलबे से राहगीरों तथा वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
डुंडी माता नेरवा के मन्दिर के ऊपर वाली पहाड़ी से दरकी चट्टानें। संवाद