रोहड़ू। भाजपा प्रदेश सोशल मीडिया एवं आईटी प्रभारी चेतन बरागटा ने एमआईएस को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर जारी एसओपी उसकी कार्यप्रणाली की विफलताओं को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब स्वयं स्वीकार कर रही है कि एमआईएस व्यवस्था में फर्जी दावों, अनियमितताओं और सत्यापन की कमी जैसी गंभीर आशंकाएं मौजूद रही हैं। बरागटा ने कहा कि सरकार ने अब एसडीएम की अध्यक्षता में विशेष जांच समितियों का गठन किया है। इसमें राजस्व विभाग, बागवानी विभाग और हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के अधिकारियों को शामिल किया है। इन समितियों को किसानों की भूमि, सेब के पेड़ों की संख्या, उत्पादन क्षमता, बैंक खातों और आपूर्ति रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले से पूरी व्यवस्था पारदर्शी और मजबूत थी, तो अब इतनी व्यापक जांच प्रक्रिया की आवश्यकता क्यों पड़ी। भाजपा नेता ने कहा कि एसओपी में दोहरी प्रविष्टियों पर रोक, आधार सत्यापन, बैंक खातों के मिलान, भूमि अभिलेखों की जांच और बड़े मामलों की अलग से समीक्षा जैसी शर्तें यह दर्शाती हैं कि सरकार को स्वयं एमआईएस प्रणाली में गड़बड़ी की आशंका है।