हिमाचल प्रदेश सीमित भर्ती कर्मचारी संघ बैठ क के दौरान
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश सीमित भर्ती कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक शिमला में प्रदेशाध्यक्ष एलडी चौहान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शिमला जिला सहित 6 जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें अध्यक्ष के समक्ष समाधान के लिए रखीं गई। मांग रखी कि वर्ष 2010 से सभी विभागों के बारहवीं उत्तीर्ण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति लिपिक के पद के लिए की गई है। इसमें 20 प्रतिशत कोटा दिया गया है, लेकिन वर्ष 2022 के बाद उसके तहत कोई भर्ती नही हुई है और न ही सरकार इस प्रक्रिया को शुरू कर रही है। इससे कि पात्र कर्मचारियों में रोष है। एलडी चौहान ने कहा कि सीमित सीधी भर्ती कर्मचारी संघ में वर्तमान में जो पदाधिकारी हैं, वो कर्मचारियों की मांगों पर संगठन के कार्यों में उनकी क्लर्क के पद पर पदोन्नति होने के बाद अपनी भागीदारी सुनिश्चित नहीं कर रहे। इसलिए आज उपायुक्त शिमला कार्यालय में कार्यरत सूरज शर्मा को इस संगठन में महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसे तुरंत प्रभाव से लागू समझा जाएगा। 22 सितंबर को पुन: संगठन की बैठक होगी, जिसमें संगठन का पुनर्गठन भी किया जाएगा। चौहान ने कहा कि एलडी आर प्रक्रिया के तहत लिपिक और कनिष्ठ कार्यालय सहायक के पदों को भरने के लिए मांग पत्र सचिव कार्मिक को दिया जा चुका है। जल्द ही हर विभागाध्यक्ष से उनके विभागों में 20 प्रतिशत एलडीआर कोटे के तहत रिक्त पड़े लिपिक और जेओए के पदों की रेक्विरेमेंट राज्य चयन आयोग को भिजवाने के बारे में पत्र जारी किए जाएंगे। प्रदेश सरकार से मांग है कि जल्द सभी विभागों सहित आयोग को इस भर्ती प्रक्रिया को शुरू करने बारे निर्देश जारी करें क्योंकि इससे सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि दफ्तरों में रिक्त पड़े पदों की वजह से लंबित सरकारी कार्यों को गति मिलेगी।