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Rampur Bushahar News: हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी नियुक्ति और सेवा शर्तें विधेयक पर भड़का प्राध्यापक संघ

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हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ( के आह्वान पर राजकीय महाविद्यालय रामपुर की स्
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रामपुर कॉलेज में गेट मीटिंग कर जताया रोष, चेतावनी दी, बिल वापस नहीं लिया तो होगा आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) के आह्वान पर राजकीय महाविद्यालय रामपुर की स्थानीय यूनिट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश सरकार के लाए हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी नियुक्ति और सेवा शर्तें विधेयक -2024 के खिलाफ गेट मीटिंग कर विरोध जताया। यह विरोध प्रदर्शन संघ के अध्यक्ष गोपी चंद की अध्यक्षता में हुआ। उन्होंने कहा कि अनुबंध आधार पर नियुक्त कॉलेज प्रवक्ताओं ने 2009 से लंबी लड़ाई लड़कर उच्च न्यायालय शिमला से न्याय प्राप्त किया। न्यायालय ने अपने फैसले में कर्मचारियों को वरिष्ठता सहित सभी लाभ प्रथम नियुक्ति से देने के फैसले दिए। कुछ प्रवक्ताओं को यह लाभ मिल भी चुके हैं, लेकिन अधिकतर प्रवक्ताओं को अभी यह लाभ नहीं मिले हैं। प्रदेश सरकार इसी बीच एक कर्मचारी विरोधी विधेयक लेकर आ गई, ताकि कर्मचारियों को अनुबंध काल को मिलाकर यह लाभ नियुक्ति तिथि से न देने पड़े और न्यायालय के फैसले को दरकिनार किया जा सके। जब प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन स्कीम लागू की थी, तो कॉलेज प्राध्यापक संघ ने इसका स्वागत किया था और लगा था कि यह सरकार कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित रखेगी। उसके बाद प्रदेश सरकार एक से एक बढ़कर एक कर्मचारी विरोधी फैसले ले रही है। जैसे की यह कर्मचारी विरोधी बिल, स्टडी लीव पर जाने वाले प्रवक्ताओं को केवल 40 प्रतिशत वेतन और पीरियड आधार पर गेस्ट फैकल्टी रखना आदि फैसले। ऐसे में हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ( एचजीसीटीए) ने सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग उठाई है। वहीं, चेताया है कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया, तो कॉलेज प्राध्यापक संघ प्रदेश के अन्य कर्मचारी संगठनों से मिलकर संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा, जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
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