रोहड़ू। बागवानों को न तो टीएसओ मिला है और न ही कोई कृषि उपकरण मिल रहे हैं। सीधे खातों में राशि डालने का सपना दिखाकर बागवानों को ठगा जा रहा है। सेब बागवान इस समय गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। यह बात भाजपा आईटी एवं सोशल मीडिया के प्रदेश प्रभारी चेतन बरागटा ने कही। बरागटा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी पिछली बैठकों में स्पष्ट कहा था कि अब टीएसओ (ट्री स्प्रे ऑयल) और अन्य बागवानी उपकरण उपलब्ध करवाने के बजाए बागवानों को डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में राशि दी जाएगी, लेकिन आज तक न तो बागवानों के खातों में कोई राशि पहुंची है और न ही पहले की तरह टीएसओ और बागवानी उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। नतीजतन, बागवान एक ऐसी स्थिति में खड़ा है, जहां उसे न सरकारी सहायता मिल रही है और न ही वह बाजार से महंगे दामों पर आवश्यक सामग्री खरीद पाने में सक्षम है। सबसे ज्यादा मार छोटे और सीमांत बागवानों पर पड़ रही है। इनके पास खुद से टीएसओ और अन्य बागवानी उपकरण खरीदने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सरकार की इस दोहरी नीति ने उन्हें पूरी तरह असहाय स्थिति में लाकर खड़ा किया है, क्योंकि बागवानों के खातों में अभी तक राशि नहीं आई है। बरागटा ने कहा कि सरकार को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए कि जब टीएसओ और बागवानी उपकरण देना बंद किया गया है, तो डीबीटी के तहत राशि अब तक बागवानों के खातों में क्यों नहीं पहुंची। बागवानों की स्पष्ट मांग है कि सरकार बिना किसी और देरी के तुरंत डीबीटी के माध्यम से भुगतान जारी करे ताकि वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सामग्री खरीद सकें और अपनी फसल को बचा सकें।