जशाला-चकनोटी में एचपीएमसी डिपो न खुलने से गुस्साए बागवान। संवाद
बागवानों को अपनी उपज बेचने में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। देवरी खनेटी पंचायत के जशाला-चकनोटी क्षेत्र में सेब सीजन चरम पर है, लेकिन एचपीएमसी का डिपो अभी तक नहीं खुला है। इससे सैकड़ों बागवानों में भारी रोष है। बागवानों को अपनी उपज बेचने में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस वर्ष सेब उत्पादन में कमी आई है। ओलावृष्टि के कारण बड़ी मात्रा में सेब सी-ग्रेड में बदल गया है। ऐसी स्थिति में स्थानीय डिपो की आवश्यकता और बढ़ गई थी। बागवानों को अपनी सी-ग्रेड सेब की बोरियां 8 से 10 किलोमीटर दूर खनेटी स्थित एचपीएमसी केंद्र तक ले जानी पड़ रही हैं। इससे प्रति बोरी 60 से 70 रुपये का अतिरिक्त परिवहन खर्च आ रहा है। छोटे और मध्यम बागवानों की लागत बढ़ रही है। उन्हें अपनी उपज का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के इस रवय्ये को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। स्थानीय पंचायत के उपप्रधान नरेश सोंटा सहित सैकड़ों बागवानों ने सरकार से जशाला-चकनोटी में तुरंत प्रभाव से एचपीएमसी डिपो खोलने की मांग की है। बागवानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द डिपो नहीं खुला तो वे उचित मंच पर आवाज उठाएंगे। उनका कहना है कि सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर समस्या का समाधान करना चाहिए।