रामपुर बुशहर। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट) के तहत दर्ज एक मामले में चार आरोपियों को जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश-II की अदालत ने अमन, प्रशांत, तेजस्वी और नवदीप को जमानत दी है। प्रत्येक आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक स्थानीय जमानतदार पर रिहा करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने 23 जून को रामपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में 25.39 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शिमला से एक वाहन आ रहा है, जिसमें सवार तीन लोगों के पास चिट्टा है। निरथ के पास वाहन को रोका गया और तलाशी के दौरान चिट्टा बरामद हुआ। अमन, प्रशांत और तेजस्वी को मौके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में जांच के दौरान नवदीप की संलिप्तता भी सामने आई। आरोपी न्यायिक हिरासत में थे। राज्य ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा था कि आरोपी गवाहों को धमका सकते हैं और इसी तरह के अपराध दोबारा कर सकते हैं। अदालत ने पाया कि बरामद चिट्टा की मात्रा छोटी मात्रा से अधिक लेकिन वाणिज्यिक मात्रा से कम है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा-37 की कठोर शर्तें इस मामले में लागू नहीं होती हैं। अदालत ने यह भी नोट किया कि आरोपियों के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आगे की हिरासत की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने आरोपियों को कई शर्तों के साथ जमानत दी है।