असामाजिक तत्वों की लापरवाही और मानवीय भूल के कारण भड़क रही आग
आग से नष्ट हो रही बहुमूल्य वन संपदा
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। आनी क्षेत्र में सूखे ने किसानों-बागवानों की कमर तोड़ दी है, वहीं क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने पर्यावरण और वन्य जीवन के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। क्षेत्र के कई जंगल धधक रहे हैं। जागरूकता अभियानों के बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों की लापरवाही और मानवीय भूल के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे प्रकृति को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। आनी के कुंगल के जगल में आग भड़की हुई है। आग से न केवल बहुमूल्य वन संपदा नष्ट हो रही है, बल्कि कई वन्य प्राणी भी अपना जीवन गंवा रहे हैं। आनी क्षेत्र में चारों ओर धुएं के गुबार छाये हुए हैं। इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। दूसरी ओर पिछले चार महीनों से बारिश न होने के कारण किसान-बागवान गहरी चिंता में डूबे हुए हैं। समय पर बारिश न होने से खेतों में बुआई, बागवानी के आवश्यक कार्य और फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। इस समय आमतौर पर ऊंची चोटियों पर बर्फबारी देखने को मिलती थी, जिससे जल स्रोतों को संजीवनी मिलती थी, लेकिन इस वर्ष न तो बर्फबारी हो रही और न ही बारिश हो रही है। किसान और बागवान इंद्रदेव से वर्षा की गुहार लगा रहे हैं, ताकि उनकी आजीविका बच सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जंगलों में आग की घटनाओं पर सख्ती से नियंत्रण, निगरानी बढ़ाने और सूखे से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।