रामपुर फॉरेस्टर वेलफेयर एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक में मौजूद पदाधिकारी और सदस्य। स्त्रोत संघ
फोरेस्टर वेलफेयर एसोसिएशन रामपुर ने आपातकालीन बैठक में कई मुद्दों पर किया मंथन
हजारों कर्मचारियों को हर माह 10 से 20 हजार रुपये तक झेलना पड़ेगा वित्तीय नुकसान : भारती
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार के हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा नियमों में संशोधन के फरमान के बाद कर्मचारियों में भारी रोष है। सरकार के इस फरमान के बाद हजारों कर्मचारियों को हर महीने 10 से 20 हजार रुपये वित्तीय नुकसान झेलना पड़ेगा। रविवार को फोरेस्टर वेलफेयर एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक रामपुर में हुई। बैठक की अध्यक्षता वन वृत्त रामपुर के अध्यक्ष ललित भारती ने की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लेते हुए वर्ष 2022 में लागू किए गए हिमाचल प्रदेश सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियमों में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत नियम 7 ए को पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसका प्रभाव तीन जनवरी, 2022 से लागू माना जाएगा। इस बदलाव के कारण राज्य के हजारों कर्मचारियों को हर महीने 10 से 20 हजार रुपये तक का वित्तीय नुकसान हो सकता है। इस फैसले से 89 श्रेणियों के कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान होगा। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अधिसूचना को वापस लेने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती है, तो इससे कर्मचारियों को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। बैठक में प्रेस सचिव विनोज नेगी, महासचिव जितेंद्र, मुख्य सलाहकार सुभाष शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश, मंच सचिव अरुण, तारा चंद, राज कपूर, प्रदीप, जितेंद्र, योगराज, जय प्रकाश, विनोद नेगी, भोला सिंह, उदय, कपिल, सुनील, नीरज, विकल, सुरजीत, सपना, अंबिका, मोनिका और वीरेंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।