ठियोग में बायपास के साथ लगते जंगल में भड़की आग। संवाद
अग्निशमन कर्मियों को केवल एक ही अग्निशमन वाहन होने से करनी पड़ी कड़ी मशक्कत
ठियोग में प्रदेश की सबसे पुरानी फायर पोस्ट, फायर स्टेशन की घोषणा फाइलों में गुम
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग बाईपास के निचली ढलान की ओर स्थित जंगल में शुक्रवार को अचानक आग लग गई। आग के कारण कई घंटों तक पूरे इलाके में धुएं के गुबार छाये रहे, जिससे राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हवा चलने के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे पास की कई रिहायशी कॉलोनियों पर खतरा मंडराने लगा। वहीं वन संपदा को भी भारी नुकसान हुआ है। जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हवा के तेज झोंकों के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो भारी नुकसान हो सकता था। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। क्षेत्र में पिछले करीब ढाई माह से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इसके चलते जंगल में आग लगने की घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ा हुआ है। ठियोग अग्निशमन विभाग के पास आग पर काबू पाने के लिए केवल एक ही अग्निशमन वाहन उपलब्ध है। इस कारण कर्मचारियों को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसी स्थिति में यदि क्षेत्र में एक ही समय पर दो स्थानों पर आग लग जाए, तो उससे निपटना मुश्किल हो जाता है। बता दें कि ठियोग फायर चौकी हिमाचल प्रदेश की सबसे पुरानी अग्निशमन चौकियों में शुमार है। इसके बावजूद यहां आज तक पूर्ण फायर पोस्ट स्थापित नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने कई बार फायर पोस्ट बनाने की मांग उठाई जा चुकी है। मुख्यमंत्री की ओर से भी पूर्व में ठियोग में फायर स्टेशन बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह घोषणा फाइलों में ही दफ्न होकर रह गई है। घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने एक बार फिर सरकार से ठियोग में आधुनिक सुविधाओं से लैस फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग दोहराई है, ताकि भविष्य में इस तरह की आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।