आनी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में लोक गायकों ने बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
जिला स्तरीय ऐतिहासिक आनी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या लोक कलाकारों के नाम रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले में पहुंचे हजारों दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। देर रात तक लोग पहाड़ी, पंजाबी और हिंदी गीतों पर झूमते रहे। रामपुर के प्रसिद्ध लोक गायक डिंपल ठाकुर ने शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को पूरी तरह संगीतमय बना दिया। उन्होंने सैंज मारा होटला, केऊ देशा का आई लो बड़े नखरे वाली, सुरमनिए ओ, तेरी आंखी रा इशारा और सेनू पंगा ले लिया जैसे लोक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को खूब नचाया। खासकर केऊ देशा का आई लो बड़े नखरे वाली गीत पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। लोक गायक अमर राठौर ने तू बसी मेरा दिला दी, मिली लोली बाड़ी ले नाला, शिवदासी, आज पाऊने तेरे ग्राम दी, आज कहना जरूरी है और तारा लडिया पहाड़ी गीत गाकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। लोक गायिका ममता भारद्वाज ने हिंदी, पंजाबी और पहाड़ी गीतों से समां बांधा। उन्होंने एक मुंडा पंजाबी, मैं निकला गड्डी लेके, ओ बिल्लो रानी, लाल चिड़िये ओ लाल चिड़िये, करी लेनी पहाड़ा री सैर और मुंडेरी बांकी छोरी ए जैसे गीतों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके अलावा लोक गायक हनी नेगी ने बाता दी लगा, शुन मेरी तारा लाड़िए, बोतल रह गई ठेके, रोहड़ू जाना मेरी अमिया और पोशा माघा री रातड़ी जैसे गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। सांस्कृतिक संध्या में आनी के एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।