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Rampur Bushahar News: टमाटर के मिल रहे कम दाम, चिंतित किसान

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बढ़ती परिवहन लागत के कारण किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा
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. फसल को मंडी तक पहुंचाना किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। नेरवा तहसील और कुपवी उपमंडल के टमाटर उत्पादक इस वर्ष भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अच्छी पैदावार के बावजूद मंडियों में टमाटर के बेहद कम दाम मिल रहे हैं। बढ़ती परिवहन लागत के कारण किसानों को अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि बीज, खाद और कीटनाशक दवाइयों की लागत लगातार बढ़ रही है। मजदूरी का खर्च भी पहले से अधिक हो गया है। मंडियों में मिलने वाला मूल्य तुड़ाई और परिवहन का खर्च भी पूरा नहीं कर पा रहा है। ऐसे में फसल को मंडी तक पहुंचाना किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। आत्मा राम, धन सिंह, अमर चंद, मोहर सिंह, सुरेंद्र सिंह, सोहन सिंह, याकूब और मुस्तफा समेत अन्य किसानों ने बताया कि कई किसानों ने खेती के लिए बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत ऋण लिया है। कई किसानों ने कृषि आदान दुकानों से बीज व कीटनाशक उधार खरीदे हैं। बेहतर उत्पादन की उम्मीद में की गई मेहनत के बावजूद उचित मूल्य नहीं मिला। अब ऋण चुकाना भी मुश्किल हो गया है। टमाटर उत्पादक किसानों ने प्रदेश सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। उन्होंने टमाटर के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने की अपील की है। किसानों ने स्थानीय स्तर पर खरीद केंद्र स्थापित करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, परिवहन पर अनुदान देने की गुहार लगाई गई है। प्रभावित किसानों के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज उपलब्ध कराने की भी मांग है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और बिगड़ेगी। क्षेत्र के टमाटर उत्पादकों की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होगी। कई किसान अपनी फसल को खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ रहे हैं। कुछ किसान मजबूरन टमाटर नालों में फेंकने को विवश हैं।
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