हिमाचल किसान सभा रामपुर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए। संवाद
भूमिहीन किसानों को कम से कम पांच बीघा कृषि भूमि देने उठाई मांग
रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार और वन विभाग की ओर से कब्जे की जमीन से किसानों की बेदखली के खिलाफ रामपुर बाजार में किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी भेजा। हिमाचल किसान सभा के सदस्यों ने बताया कि परिवार में बंटवारे के चलते प्रदेश में गरीब किसानों के पास इतनी जमीन नहीं है कि वो अपना गुजारा कर सकें। प्रदेश के करीब दस लाख किसान परिवारों के पास 10.7 फीसदी जमीन ही कृषि योग्य भूमि है और 87 फीसदी किसान लघु और सीमांत है। किसान और बागवानों की मांग है कि वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन कर गरीब और लघु, सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा भूमि दी जाए। सरकार के मालिकाना हक वाली जमीन का आवंटन गरीब किसानों को भू-राजस्व अधिनियम 1954 और 2000 में शामिल की गई धारा-163 के तहत किया जाए। सरकार व वन विभाग की ओर से की जा रही बेदखली कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं हो रही है और गरीबों को बेघर करने का काम किया जा रहा है।