पति की ओर से छोड़ी गई महिला तलाक की हकदार
. परिवार न्यायालय किन्नौर ने महिला की याचिका पर दिया फैसला
. साल 2013 में पत्नी और बेटी को छोड़ कर चला गया था पति
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। पति की ओर से छोड़ी गई महिला तलाक की हकदार है, क्योंकि पत्नी का त्याग करना क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर रामपुर स्थित परिवार न्यायालय किन्नौर ने एक महिला की तलाक की याचिका को स्वीकार किया है। झाकड़ी क्षेत्र की एक महिला ने तलाक की याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि उसका विवाह साल 2008 में हुआ था। विवाह से उनकी एक पुत्री हुई। समय बीतने के साथ पति का व्यवहार बदल रहा था। उसने छोटी-छोटी बातों पर पत्नी के साथ मारपीट करना और दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया था। पति ने साल 2013 से पत्नी का परित्याग कर दिया है। पत्नी को इस कृत्य के कारण गंभीर मानसिक और शारीरिक आघात पहुंचा है, जो क्रूरता की श्रेणी में आता है। पति ने न तो उसे उसके वैवाहिक घर वापस लाने की कोशिश की और न ही उसके खर्चों के लिए उसे कोई राशि दी। पति के आचरण को देखते हुए, सुलह की कोई संभावना नहीं है, इसलिए विवाह को भंग कर दिया जाए। याचिका दाखिल होने के बाद अदालत ने पति को उपस्थित होने के लिए नोटिस दिया, लेकिन वह हाजिर नहीं हुआ। उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। अदालत ने फैसला दिया है कि साक्ष्य से पता चलता है कि शादी के बाद पति ने शराब के नशे में पत्नी के साथ दुर्व्यवहार और उसे परेशान करना शुरू कर दिया। पति ने पत्नी को पूरी तरह से छोड़ दिया है। उसके साथ रहने के लिए वापस भी नहीं आया है। पति का यह कार्य और आचरण इस निष्कर्ष की ओर भी संकेत करता है कि उसने पत्नी के साथ क्रूरता की और उसे त्याग भी दिया गया है, इसलिए पत्नी क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक प्राप्त करने की हकदार है।