किमू कूपड़ स्थित देव जुबड़ मैदान में देवता बोंद्रा की पालकी एवं ग्रामीण। संवाद
नेसर की माला प्रसाद के रूप म में पाने उमड़े श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। धारा पंचायत के किमू कूपड़ स्थित देव जुबड़ मैदान में सोमवार को आराध्य देवता बोंद्रा साहिब का वर्ष का पारंपरिक मेला श्रद्धा और रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया गया। यह वर्ष का पहला मेला था, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मान्यता है कि किमू कूपड़ में लगने वाला यह मेला देवता बोंद्रा साहिब के पारंपरिक देव दौरों की शुरुआत का प्रतीक है। इस स्थल पर प्रत्येक वर्ष दो बार मेले का आयोजन होता है, जिससे इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बढ़ जाता है। मेले की एक प्रमुख परंपरा के तहत देवता के लोग ऊंची पर्वतीय घाटियों से दुर्लभ घास नेसर लेकर आते हैं। देवता के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना के बाद इसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में माला बनाकर वितरित किया जाता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नेसर स्वास्थ्य और कल्याण का प्रतीक है। देवता बोंद्रा साहिब को 47 गांवों का आराध्य देव माना जाता है। मेले के दौरान भड़ेला समुदाय ने देवता के स्वागत में पारंपरिक लावण प्रस्तुत किए। देव परंपरा में भड़ेला समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूरा देव जुबड़ मैदान भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं ने देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। देवता बोंद्रा साहिब के मोहतमिम भगत सिंह ठाकुर ने बताया कि किमू कूपड़ स्थित देव भूमि के शीघ्र जीर्णोद्धार की योजना है। इस योजना से मैदान को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।