नेरवा (रोहड़ू) । चैत्र नवरात्र के पहले दिन नेरवा के डुंडी माता मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नवरात्र के लिए मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। रविवार को सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य संदीप कृष्ण ने बताया कि प्रथम नवरात्र पर मंदिर के कपाट प्रातः पांच बजे ही खोल दिए थे। हर साल की भांति इस वर्ष भी मंदिर में विधिवत बेदी की स्थापना की गई है। तीन ब्राह्मण नौ दिन तक पूर्ण विधि विधान से पूजा-अर्चना और हवन करेंगे। अंतिम नवरात्र को हवन की पूर्णाहुति डाली जाऐगी। सभी नवरात्र पर संध्या सात से नौ बजे तक भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। आचार्य संदीप कृष्ण ने बताया कि प्रथम नवरात्र को दुर्गा माता के नौ स्वरूपों से पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है। बैल की सवारी करने वाली माता शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल होता है। डुंडी माता मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बलदेव तंगड़ाइक शिशटू ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अंतिम नवरात्र रविवार 6 अप्रैल को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।