हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड कर्मचारी फोरम कोटगढ़ खनेटी की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत : फोरम
बिजली बिल विधेयक और स्मार्ट मीटर के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन
कर्मचारी, न पेंशनर और न ही प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में बिजली बोर्ड का निजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
बिजली बोर्ड का निजीकरण न कर्मचारी, न पेंशनर और न ही प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में है। स्मार्ट मीटर निजीकरण की शुरुआत है। प्रदेश के उपभोक्ताओं को महंगे दरों पर बिजली उपलब्ध होगी। यह बात बैठक में सुंदर कंवर ने कही। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद पेंशनर फोरम कोटगढ़ खनेटी यूनिट की बैठक मंगलवार को राम लाल आजाद की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 12 फरवरी को राज्य विद्युत परिषद की ज्वाइंट एक्शन कमेटी कर्मचारी और इंजीनियर की हड़ताल को लेकर चर्चा की गई और रणनीति तैयार की। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया कि सभी राज्यव्यापी बिजली बिल के विरोध में 12 फरवरी को कुमारसैन मंडल स्तर पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। स्मार्ट मीटर के खिलाफ भी मोर्चा खोला जाएगा। बैठक में सुंदर कंवर ने कहा कि स्मार्ट मीटर निजीकरण की शुरुआत है। आने वाले समय में केंद्र सरकार के दबाव में प्रदेश सरकार भी बोर्ड को निजी हाथों में सौंप देगी। बिजली का निजीकरण न तो कर्मचारियों, न पेंशनरों और न ही प्रदेश के उपभोक्ताओं के हित में है। प्रदेश के उपभोक्ताओं को महंगे दरों पर बिजली उपलब्ध होगी। बैठक में लक्ष्मण सिंह, प्रदीप मखैक, टेक चंद सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। पेंशनरों ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि स्मार्ट मीटर लगाना बंद करें और उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ न डाला जाए। बैठक में पेंशनरों ने रोष जताया।