चौपाल(रोहडू) । वैश्विक कोरोना महामारी के चलते इस साल रमजान महीना खत्म होने पर मुसलमानों का सबसे बड़ा त्योहार ईद उल फितर सभी ने अपने अपने घरों पर ही मनाया। पिछले साल की तरह इस साल भी मुस्लिम धर्मगुरुओं ने तमाम लोगों से गुजारिश की कि घरों में ही ईद की नमाज पढ़ने के बाद खुशियां मनाएं। लोगों ने ईद की फोन पर एक-दूसरे को बधाइयां दीं। उपमंडल चौपाल की ग्राम पंचायत देवत के ग्राम कोठमल, कुम्बड़ा, ग्राम पंचायत पुजरली, रुस्लाह, मानुभाविया, पोलिया आदि में मुसलमान समुदाय ने अपने परिवार के साथ ही ईद का त्योहार मनाया। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। रमजान के दौरान पाक महीने से रोजे रखने वालों और नमाज अदा करने वालों के अल्लाह सारे गुनाह माफ माने जाते हैं। ईद उल फितर के साथ ही रोजे भी खत्म हो जाते हैं। ईद उल फितर के दिन लोग सुबह नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करके अमन और चैन की दुआ मांगते हैं। ईद-उल-फितर में मीठे पकवान खासतौर पर सेवइयां बनती हैं। आपस में गले मिलकर गिले-शिकवों को दूर किया जाता है। आल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसाइटी के मुख्य सलाहकार नसीम मोहम्मद दीदान, मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ नागरिक मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद दीन शेख, रहमान खान ने कहा कि कोरोना महामारी से हालात बेकाबू हो गए हैं। सभी अपने घरों में ही रहें और इस बात का भी ख्याल रखें कि आपको अपने साथ अपनों की भी जान बचानी है।