रूपी वैली में मनाया दशहरा पर्व, छह गांवों के महिला मंडलों ने देवताओं और देवलुओं को फूलमालाएं पहनाकर दी पर्व की बधाई
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संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। रूपी वैली स्थित मजगांव में श्री महादेव टेरस नारायण मंदिर में मंगलवार को दशहरा पर्व मनाया गया। इस अवसर पर श्रीमहादेव टेरस नारायण और थंबावीर देवता के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और देव परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। पूरा क्षेत्र देव आस्था के रंग में रंगा नजर आया। दशहरा पर्व के पहले दिन सुबह करीब 8:00 बजे रूपी वैली के विभिन्न गांवों से लोग मंदिर परिसर पहुंचे और देवताओं की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद श्रीमहादेव टेरस नारायण ने अपने मंदिर परिसर से सराहन स्थित माता भीमाकाली की पूजा-अर्चना की। पर्व के दौरान क्षेत्र के छह गांवों के महिला मंडलों ने भी भाग लिया। महिला मंडलों की सदस्यों ने श्रीमहादेव टेरस नारायण और थंबावीर देवता को बारी-बारी से फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। साथ ही देवलुओं को भी फूलमालाएं पहनाकर दशहरा पर्व की बधाई दी गई। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवताओं और देवलुओं का अभिनंदन किया गया। श्रीमहादेव के मोतमीन करतार नेगी, खजांची मुकेश खोजान, मारकमदार रमेश कुमार और भूपेंद्र ने बताया कि दशहरा पर्व के पहले दिन रूपी वैली के लोगों ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व क्षेत्र की समृद्ध देव संस्कृति और पारंपरिक मान्यताओं का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि बुधवार को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। साथ ही दिनभर पारंपरिक नाटियों का दौर चलेगा, जिसमें क्षेत्र के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। बुधवार शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें किन्नौर के स्थानीय गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे। दशहरा उत्सव के समापन पर श्रीमहादेव टेरस नारायण रूपी वैली के लोगों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगे। इसके बाद श्रद्धालु अपने-अपने घरों को लौटेंगे।
रूपी वैली में ग्रामीणाें ने धूमधाम से मनाया दशहरा पर्व। संवाद