25 अगस्त के बाद अच्छे दाम की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)।
जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन फल मंडियों में अधिक आवक से सेब के दाम में गिरावट आई है। सेब के गिरने दाम ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों से मंडियों में सेब की कीमतें लागत मूल्य से भी नीचे पहुंच गईं। इसके चलते कई बागवानों ने फिलहाल तुड़ान रोकने का फैसला लिया है। बागवान अब अच्छे दामों के इंतजार में हैं। बागवान अनुमान लगा रहे हैं कि 25 अगस्त के बाद बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। अभी मंडियों में सेब की अधिक आवक और सप्लाई चेन में अव्यवस्था के कारण दाम गिरे हैं, लेकिन जैसे ही निचले क्षेत्रों में तुड़ान धीमा पड़ेगा और त्योहारों का सीजन नजदीक आएगा, बाजार में मांग बढ़ेगी और दाम भी सुधरेंगे। कोटखाई, रोहड़ू, जुब्बल क्षेत्र के बागवानों ने तुड़ान कार्य को धीमा कर दिया है। अब उन्हीं बगीचों से फल तोड़े जा रहे हैं, जहां फल खराब होने की संभावना है। बागवानों की मांग है कि सरकार मंडियों में व्यवस्था को सुदृढ़ करे और बिचौलियों की मनमानी पर लगाम लगाए, ताकि उन्हें उनकी मेहनत का उचित दाम मिल सके। अब देखना होगा कि 25 अगस्त के बाद बाजार में किस तरह का सुधार आता है और क्या बागवानों की उम्मीदें पूरी हो पाती हैं। पराला मंडी के अध्यक्ष हरीश ठाकुर ने बताया कि अच्छे माल के दाम अच्छे मिल रहे हैं। अब इससे नीचे और गिरावट की संभावना नहीं है। जितनी गिरावट आनी थी, वह आ गई है। अच्छे माल का दाम अच्छा ही रहेगा ।