जगह-जगह क्षतिग्रस्त सड़कें बढ़ा रहीं बागवानों की दुश्वारियां
दिनरात बारिश के कारण बागवानों को झेलना पड़ रहा आर्थिक नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
निरमंड (कुल्लू)। भारी बारिश के कारण निरमंड क्षेत्र के बागवानों को सेब का तुड़ान पर ब्रेक लगानी पड़ रही है। निरमंड क्षेत्र में ग्रामीण सड़कों के बंद होने से सेब सड़कों में सेब फंस रहा है। बारिश और क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत से बागवान परेशान हैं। 28 जून से लगातार बारिश से निरमंड क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। नुकसान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सड़कों की हालत नहीं सुधर रही है। हालांकि, उर्टू से निरमंड और बागीपुल से नित्थर सड़क के शनिवार तक खुलने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से सड़कों के बंद होने की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को सड़क बंद होने से सेब की फसल निरमंड सब्जी मंडी और बाहरी सब्जी मंडी नहीं भेजी जा सकी। वहीं, ठारला-सगोफा सड़क भी बार-बार अवरुद्ध होने से बागवान किसी तरह का रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं। बागवान मदन, योगेश भार्गव, धर्मपाल, चंद्रेश ठाकुर और पप्पू सहित अन्य बागवानों का कहना है कि बरसात का मौसम बागवानों का साथ नहीं दे रहा है। रात-दिन बारिश से सेब के तुड़ान पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है। निरमंड क्षेत्र में इस बार 10 लाख सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान है, लेकिन बारिश बागवानों की साल भर की कड़ी मेहनत पर पानी फेर रही है।