बगीचों में कार्य लटके, बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ऊपरी शिमला, रामपुर और किन्नौर में मौसम बार-बार दगा दे रहा है। इन क्षेत्रों में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन वह बिन बरसे ही चले जा रहे हैं। पिछले तीन माह से बारिश न होने से शुष्क मौसम आफत बना हुआ है। किन्नौर के अधिकतर क्षेत्रों में तापमान माइनस में पहुंच गया है। वहां नाले और झीले जमने लगी हैं। दूसरी ओर रामपुर, कुमारसैन, आनी, रोहड़ू जैसे निचले पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ाके की शुष्क ठंड पड़ रही है। शुष्क ठंड के प्रकोप के चलते लोग सर्दी-जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जंगलों में आग लगने और बगीचों में जलाए जा रहे अपशिष्ट से वातावरण में धुंआ फैलने से श्वास रोग से पीड़ित मरीजों को भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। बारिश न होने से किसान खेतों में गेहूं सहित अन्य नकदी फसलों की बिजाई भी नहीं कर पा रहे हैं। सेब के बगीचों में भी खाद डालने और तौलिए बनाने का कार्य लटका हुआ है। किसान और बागवान आसमां की ओर टकटकी लगाकर मौसम की मेहरबानी का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से ऊपरी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया था। शनिवार और रविवार को बादल छाए रहने बारिश होने की उम्मीद भी बंधी थी, लेकिन यह उम्मीदे पूरी नहीं हो सकी। फिलहाल, शुष्क ठंक ने दिक्कतें बढ़ाई हुई है।